Poem sheetla mata

  • शीतला माता | Poem sheetla mata

    शीतला माता ( Sheetla Mata )   शीतलता दात्री शीतला, शीतल करे हरे सब पीरा। जा पर कृपा करें माँ भवानी सहाय करे रघुवीरा।   गर्दभ हो विराजित माता, कलश मर्जनी कर सोहे। ठंडा बासी आपको भाता, श्वेतांबर माता मन मोहे।   चेचक रोग नाशिनी मैया, पीत ज्वर हर संताप हरे। आरोग्य  सुखदाता  माता,  हर्ष …