Purush par kavita

  • पुरुष | Purush par kavita

    पुरुष ( Purush )    जगत में पुरुष पौरुष धरकर पुरुषार्थ दिखलाते शुभ कर्मों से अपने दम पे नाम रोशन कर जाते   निज वचनों पे अटल रहे मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम देह दान कर गए दधीचि भारी तप किया निष्काम   औरों की खातिर जीते जो दया करुणा सागर है प्रेम भरी बहती सरिता भावों…