राज अपने भी हमसे छुपाने चले हैं | Raaz Apne
राज अपने भी हमसे छुपाने चले हैं लीक से हमको हटाने चले हैं, रीत नई वो निभाने चले हैं। मिटा ना सकेंगे निशां वो हमारे, दिलों में दूरियां बनाने चले हैं। महफिल जमाकर भुलाने चले हैं, यादों से अपनी मिटाने चले हैं। लेखनी का जादू भुला ना सकेंगे, तेवर यूं रूखा सा दिखाने चले…

