Tag: sad ghazal
मेरा दिल रो पड़ा देखते देखते | Udasi shayari
मेरा दिल रो पड़ा देखते देखते ( Mera Dil Ro Para Dekhte Dekhte ) मेरा दिल रो पड़ा देखते देखते वो जुदा जब हुआ देखते देखते कह सका बात दिल की नहीं उससे कुछ वो जुदा हो गया देखते देखते खा गया हूँ ठोकर पत्थर से नफ़रत की राह मैं तो चला …
आज अपना हबीब है देखा | Ghazal
आज अपना हबीब है देखा ( Aaj apna habib hai dekha ) आज अपना हबीब है देखा पास किसी के करीब है देखा मत कर इतना गरूर ख़ुद पे तू हाँ बिगड़ते नसीब है देखा बोलते हक़ में सच के मैंनें तो आज मैंनें रकीब है देखा है परेशां यहां तो…
Judai Shayari | उम्र भर के लिए अजनबी हो गये
उम्र भर के लिए अजनबी हो गये ( Umar bhar ke liye ajnabi ho gaye ) उम्रभर के लिए अजनबी हो गये! हम जुदा जीवन भर ऐसे की हो गये मैं देखूँ चैन उसको नहीं मिलता है वो मेरे दिल के ही दिलकशी हो गये बजते है साज उल्फ़त के…
Udashi Bhari Shayari | प्यार में आज़म कब वो वफ़ा दें गया
प्यार में आज़म कब वो वफ़ा दें गया ( Pyar Me Azam Kab Wo Wafa De Gaya ) प्यार में आज़म कब वो वफ़ा दें गया इस क़दर प्यार में वो दग़ा दें गया प्यार के ही बढ़ाएं क़दम थें जिसनें हर क़दम पे वो अब फ़ासिला दें गया तोड़कर वो सगाई…
Sad Ghazal | दिल से ही रोज़ आहें निकलती रही
दिल से ही रोज़ आहें निकलती रही ( Dil se hi roz aah nikalti rahi ) दिल से ही रोज़ आहें निकलती रही! जीस्त यादों में उसकी गुजरती रही कब मिला है ठिकाना ख़ुशी का कोई जिंदगी रोज़ ग़म में भटकती रही डूब रही है ये बेरोजगारी में ही जिंदगी कब यहां…
Dard Bhari Ghazal | जिंदगी क्यों तेरी मर गई आरजू
जिंदगी क्यों तेरी मर गई आरजू ( Jindagi kyon teri mar gai aarzoo ) जिंदगी क्यों तेरी मर गई आरजू अब न दिल में कोई भी बची आरजू चाहकर भी नहीं कुछ उसे कह सका रोज़ दिल में तड़फती रही आरजू ढूंढ़ता ही रहा हूँ गली दर गली जिंदगी की मेरी…
Ghazal | भीगी सी अश्कों से दिल की जमीन है
भीगी सी अश्कों से दिल की जमीन है ( Bhigi Si Ashkon Se Dil Ki Zameen Hai ) भीगी सी अश्कों से दिल की जमीन है! यें जिंदगी अधूरी तेरे बिन है ऐसा मिला दग़ा खुशियों से ही मुझे दिल रोज़ रहता मेरा ही हज़ीन है वो तोड़कर गया क्यों रिश्ता…
Ghazal | दुर जब से ख़ुशी के साये हो गये
दुर जब से ख़ुशी के साये हो गये ( Door Jub Se Khoosi Ke Saye Ho Gaye ) दुर जब से ख़ुशी के साये हो गये! जख़्म दिल में ग़म के गहरे हो गये कौन सच्ची वफ़ायें निभाता है अब देखिए अब दिलों में धोखे हो गये आंख भरके वफ़ा की नहीं…
Ghazal | मत रख नफरत दोस्ती एक फूल है
मत रख नफरत दोस्ती एक फूल है ( Mat Kar Nafrat Dosti Ek Phool Hai) मत रख नफरत दोस्ती एक फूल है! प्यार कर लें जिंदगी इक फ़ूल है मयकशी करनी छोड़ो भी अब ज़रा संभलो यारों जिंदगी इक फ़ूल है दूर जीवन से करो ग़म सब अपनें होठों पे देखो …