sad kavita

  • Sad Hindi Poem -बीते लम्हें

    बीते लम्हें ( Beete Lamhen Kavita )      मैने पाया  बहुत, मैने  खोया बहुत। जिन्दगी तेरे दर , मैने  रोया  बहुत।   ख्वाब मैने बुना, जो हुआ सच मगर। वो मुकम्मिल नही, मैने ढोया बहुत।   शेर से बन गया, लो मै हुंकार अब। सब समझते रहे, मै हूँ  बेकार अब।   मै  सींचा …