Satkar kavita

  • सत्कार | Satkar kavita

    सत्कार ( Satkar )   आन मान मर्यादा का सत्कार कीजिए जो बने नींव के प्रस्तर आभार दीजिए   माता-पिता गुरु की सेवा सत्कार कीजिए आशीषो से झोली भर खूब प्यार दीजिए   कोई अतिथि आए आदर सबको भाये बढ़कर  बड़े  प्रेम  से सत्कार कीजिए   दीन हीन रोगी कोई वक्त का मारा हो गले …