Sharad Purnima Kavita

  • शरद पूर्णिमा | Sharad Purnima Kavita

    शरद पूर्णिमा ( Sharad purnima poems in Hindi ) ( 5 ) नदियों बहती मीठी सुरभित धार, चाँद की छवि में बसा है संसार। शरद की पूर्णिमा का सिर्फ सार छलके प्रेम का अद्भुत त्यौहार। खुशियों की बौछार, मन में उमंग, शरद की पूर्णिमा है मौसम की तरंग। प्रकृति की गोद में सब कुछ है…