Soch aur Samajh

  • सोच और समझ | Soch aur Samajh

    कभी कभी ना हम खुद बस यही सोचते है कि जितना भी गलत हो रहा सब हमारे ही साथ हो रहा, बाकी सबके जीवन में कोई परेशानी नहीं, कोई दुख नहीं। लेकिन ये हमारा बस वहम है, क्योंकि बिना परेशानियों और दुखों के जीवन कुछ भी नहीं। जबतक हम परेशानियों का सामना नहीं करेंगे हमें…