Sonu Sood par kavita

  • सोनू-सूद | Sonu Sood par kavita

    “️️सोनू-सूद” ( Sonu Sood )    जन-जन से उसका रिस्ता है, इंसान नहीं वो”फरिस्ता”है || 1. एक द्रश्य देख दिल दहल उठा, उन बेसहाय् परिवारों का | जो निकल पड़े भूँखे प्यासे सब, पैदल ही उन लाचारों का | दिल कांप उठा आँखे बरसीं, फिर टीम बनाई यारों की | बन मसीहा आया सोनू सूद,…