सुनील कुमार “खुराना” की कविताएँ | Suneel Kumar Khurana Poetry
जग गोकुल में आनंद भयों देते सब बधाई जग गोकुल में आनंद भयों देते सब बधाई,सारी सृष्टि में सब खुश हैं बहना क्या भाई। काली-काली रात में कान्हा गोकुल आएं,गोकुल में नन्दलाल यशोदा के मन भाए,आने से कान्हा के दूर हुई सबकी तन्हाई। निराला रूप सब जन के मन को भाया,सब खुशियों को कान्हा अपने…

