Vasant Aagman par Kavita

  • वसंत आगमन | Vasant Aagman par Kavita

    वसंत आगमन ( Vasant aagman )    कानन कुंडल घूँघर बाल ताम्ब कपोल मदनी चाल मन बसंत तन ज्वाला नज़र डगर डोरे लाल। पनघट पथ ठाढ़े पिया अरण्य नाद धड़के जिया तन तृण तरंगित हुआ करतल मुख ओढ़ लिया। आनन सुर्ख मन हरा उर में आनंद भरा पलकों के पग कांपे घूंघट पट रजत झरा।…