हो नहीं सकता | Emotional Ghazal in Hindi

हो नहीं सकता

( Ho nahi sakta )

भरोसा अब कभी उस पर दुबारा हो नहीं सकता
छुड़ाया हाथ जिसने वो हमारा हो नहीं सकता।

बहारों के धनक के रंग सारे देख कर सोचा
विसाले यार से दिलकश नज़ारा हो नहीं सकता।

निगाहों ने निगाहों से बहुत सी गुफ़्तगू कर ली
बिना दिल की रज़ा के ये इशारा हो नहीं सकता।

कभी मत सोचिए नेकी के बदले क्या मिला हमको
करे जो नेकियां उसको ख़सारा हो नहीं सकता।

भले हो दौर ग़र्दिश का गमों की रात हो काली
हमें एहसान गैरों का गवारा हो नहीं सकता।

बने फिरते ख़ुदा जो ये हमेशा भूल जाते हैं
दुखाया दिल अदा उसका क़फ़ारा हो नहीं सकता।

लिखा है जो मुक़द्दर में नयन वो चल के आयेगा
मगर मत मांगना वो जो तुम्हारा हो नहीं सकता।

 

सीमा पाण्डेय ‘नयन’
देवरिया  ( उत्तर प्रदेश )

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