हमारी राष्ट्र भक्ती

हमारी राष्ट्र भक्ती

 

 

दोस्त गाओ रोज़ नगमा मुल्क का

आदमी वो अपने सच्चा मुल्क का

 

मैं रहूँ परदेश में चाहें जहां

क़ैद है आंखों में चेहरा मुल्क का

 

ले नहीं सकते दुश्मन कश्मीर को

ये सदा होगा  हिस्सा मुल्क का

 

नींद में भी सिलसिला है अब यही

ख़्वाब आंखों में ही रहता मुल्क का

 

आंच कोई भी न आये देश में

हर घड़ी हो अपनें अच्छा मुल्क का

 

देंगे ऐसी मात दुश्मन को ए आज़म

हम भुला देंगे हर  रस्ता मुल्क का

 

 

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शायर: आज़म नैय्यर

(सहारनपुर )

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