Tag: शायरी

  • नहीं कोई शहर में आशना यहां मेरा | Ghazal

    नहीं कोई  शहर में आशना यहां  मेरा ( Nahin koi shahar mein aashna yahan mera )     नहीं कोई  शहर में आशना यहां  मेरा ! हाले दिल ये कौन जो पूछता यहां मेरा   कि सोचता हूँ नगर छोड़ दूँ इसलिए मैं नहीं कोई तन्हाई के सिवा यहां मेरा   उदास पन इसलिए  भर…

  • Sad Ghazal -पराया वो जब से चेहरा हुआ है

    पराया वो जब से चेहरा हुआ है ( Praya Wo  Jab Se Chehra Hua Hai )   पराया वो जब से चेहरा हुआ है आंखों में अश्कों का दरिया हुआ है   भला कैसे ख़ुशी से मुस्कुराऊं मेरा दिल प्यार में  टूटा हुआ है   मनाऊँ भी भला कैसे उसे अब बहुत मुझको वही रूठा…

  • Sad Shayari -यहाँ रोज़ लब पे ख़ामोशी रही है!

    यहाँ रोज़ लब पे ख़ामोशी रही है! ( Yahaan Roz Lab Pe Khamoshi Rahi Hai )   यहां रोज़ लब पे ख़ामोशी रही है! कहीं प्यार की ही लबों पे हंसी है     किसी ने तोड़ा प्यार से ही भरा दिल आंखों में भरी प्यार की ही नमी है   उदासी ख़ामोशी भरी जिंदगी…

  • Romantic Ghazal -आँखें उनकी है मयखाने

    आँखें उनकी है मयखाने ( Aankhen Unki Hai Mainkhane )     आँखें उनकी है मयखाने। ओठ लगे जैसे पैमाने।।   गालों की रंगत है ऐसी। लाल -गुलाबी रँग मस्ताने।।   थाम दिलों को रह जाते है। जब लगते जुल्फ़े बिखराने।।   ढांप कभी आंचल से सर को। लगते मन ही मन शर्माने।।   घायल…

  • Sad Ghazal -जिंदगी की ही नहीं कोई सहेली है यहां

    जिंदगी की ही नहीं कोई सहेली है यहा     जिंदगी की ही नहीं कोई सहेली है यहां कट रही ये जिंदगी आज़म अकेली है यहां   खा गया हूँ मात उल्फ़त में किसी से मैं यारों प्यार की इक चाल मैंनें भी तो खेली है यहां   नफ़रतों की ही मिली है चटनी खाने…

  • love Hindi Poetry | Romantic Poetry -आपकी याद आयी

    आपकी याद आयी ( Aapki Yaad Aayee )     टूटी दिल की तुम्हारी आशिक़ी याद आयी आज तो इस क़दर ये आपकी याद आयी   भायी थी जो कभी मेरी आंखों को नगर में गांव में आकर मुझको वो दिलकशी याद आयी   जो सुनी थी कभी उनके मुँह से प्यार की ही आज…

  • दूरियां कितनी रक्खी प्यार हो ही गया

    दूरियां कितनी रक्खी प्यार हो ही गया ( Dooriyaan Kitni Rakkhi Pyar Ho Hi Gaya )     दूरियां कितनी रक्खी प्यार हो ही गया इक हंसी से यारों इजहार हो ही गया   वो चाहे दूर ही क्यों न फ़िर हो लेकिन आज वो अपना दिलदार हो ही गया   दूरियां रक्खी जिससें मगर…

  • Sad Shayari | Ghazal -मुहब्बत की वो मुझसे ले गया अपनी निशानी है

    मुहब्बत की वो मुझसे ले गया अपनी निशानी है ( Muhabbat Ki wo Mujhshe Le Gaya Apni Nishani Hai )   मुहब्बत की वो मुझसे ले गया अपनी  निशानी है अधूरी प्यार की ही रह गयी दिल में कहानी है   वही करता नहीं रिश्ता मुहब्बत का क़बूल मेरा यहां तो जिस लिए दिल में…

  • Hindi Poetry On Life -ज़रा मौसम बदलने दे बहारें फिर से आएगी

    ज़रा मौसम बदलने दे बहारें फिर से आएगी   ज़रा  मौसम  बदलने   दे  बहारें  फिर  से  आएगी। चमन में गुल ही गुल होंगे  कतारें फिर से आएगी।।   सभी  पे   वक्त  आता  है  बचा है कौन जीवन में ? ये दुनिया साथ में इक दिन हमारे फिर से आएगी।।   तमाशा   देखने  वालो  ज़रा  तुम …

  • नहीं वो पास मेरे आ रही यादें

    नहीं वो पास मेरे आ रही यादें   नहीं वो पास मेरे आ रही यादें! निगाहे को रुलाती है बड़ी यादें   कभी दिन साथ उसके ही गुजारे थे सतायें ख़्वाब में आकर वही यादें   बिना मेरा नहीं वो हम सफ़र जीवन यहां तो बस रुलाने को मिली यादें   उदासी का यहां आलम…