आज आंखों में नमी है देखिए

आज आंखों में नमी है देखिए

 

 

आज आंखों में नमी है देखिए!

जीस्त में उसकी कमी है देखिए

 

लौट आ तेरे बिना ए सनम

कितनी तन्हा जिंदगी है देखिए

 

शहर में कोई नहीं है अपना ही

हर कोई तो अजनबी है देखिए

 

देख ले तू प्यार से ही इक नज़र

मत कर इतनी  बेरुख़ी देखिए

 

दोस्ती का जोड़कर रख रिश्ता तू

ये न अच्छी दुश्मनी है देखिए

 

हम सफ़र अपना बना ले आज़म को

बस तुझे से आशिक़ी है देखिए

 

 

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शायर: आज़म नैय्यर

(सहारनपुर )

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