घर नहीं मिला

घर नहीं मिला | Ghazal Ghar Nahi Mila

घर नहीं मिला

( Ghar Nahi Mila )

हमसे मुसाफिरों को कहीं घर नहीं मिला
रस्ते बहुत थे राह में रहबर नहीं मिला

वीरान रास्तों में पता किससे पूछते
राह-ए-सफ़र में मील का पत्थर नहीं मिला

दिन रात हम उसी के ख़यालों में ही उड़े
तन्हाइयों में चैन तो पल भर नहीं मिला

उसके सितम में प्यार की शामिल थीं लज़्ज़तें
उस सा करम नवाज़ सितमगर नहीं मिला

दो घूँट पीके और भी जागी है तशनगी
साग़र कभी शराब का भर कर नहीं मिला

उस पर उड़ेल दीं हैं सभी दिल की ख़्वाहिशें
वो शख़्स है कि आज भी खुलकर नहीं मिला

साग़र तलाशे-यार में भटके कहाँ कहाँ
उस हुस्ने इल्तिफ़ात सा पैकर नहीं मिला

Vinay

कवि व शायर: विनय साग़र जायसवाल बरेली
846, शाहबाद, गोंदनी चौक
बरेली 243003

यह भी पढ़ें:-

हैरान नहीं है | Ghazal Hairan Nahi Hain

Similar Posts

  • कहेगा कौन | Ghazal Kahega Kaun

    कहेगा कौन ( Kahega Kaun ) ग़ज़ल में क़ाफ़िया उम्दा न शेरों में रवानी है कहेगा कौन तेरी शायरी ये ख़ानदानी है रखी है बाँध के सिर पे वही पगड़ी पुरानी है कहें क्या आपसे ये तो बुज़ुर्गों की निशानी है गया बचपन सुहाना आई है रंगी जवानी ये न जादू की छड़ी कोई न…

  • इस तरह याद आया न कर

    इस तरह याद आया न कर तू मुझे इस तरह याद आया न करमेरी ही धुन में तू वक़्त ज़ाया न कर तेरी महफ़िल में चल के अगर आ गयातो नज़र मुझसे दिलबर चुराया न कर गुल में भी तू नज़र आए जान-ए- ग़ज़लहर किसी के दिलों को यूँ भाया न कर काफ़िया हूँ मैं…

  • चाहता हूँ | Chahta Hoon

    चाहता हूँ ( Chahta Hoon ) माँग तेरी मैं सज़ाना चाहता हूँहाँ तुझे अपना बनाना चाहता हूँ राह उल्फ़त की बनाना चाहता हूँप्यार हर दिल में बसाना चाहता हूँ आप बिन तो इस जहाँ में कुछ नही हैबात मिलकर ये बताना चाहता हूँ दो कदम जो साथ मेरे तुम चलो तोइक़ नई दुनिया दिखाना चाहता…

  • सब को अपना नहीं कहा जाता | Sab ko Apna Nahi Kaha Jata

    सब को अपना नहीं कहा जाता ( Sab ko Apna Nahi Kaha Jata )   सब को अपना नहीं कहा जाता हद से आगे नहीं बढ़ा जाता मंज़िलें दूर जा निकलती हैं रास्तों में रुका नहीं जाता घटते बढ़ते हुए यह साये हैं इन का पीछा नहीं किया जाता रास्ते ख़ुद बनाये जाते हैं सब…

  • क्यों वो देने लगे दग़ा जाने

    क्यों वो देने लगे दग़ा जाने क्यों वो देने लगे दग़ा जाने।क्या हुआ,क्या पता, ख़ुदा जाने। जिनका शेवा वफ़ाएं करना था।भूल बैठे वो क्यों वफ़ा जाने। कोई राह़त नहीं अभी तक तो।देखो कब तक चले दवा जाने। जिनसे उम्मीदे-लुत्फ़ होती है।वो ही करते हैं क्यों जफ़ा जाने। बस यही सोच कर तड़पता हूं।क्यों हुए मुझसे…

  • मेरी तलाश में है | Meri Talash Mein Hai

    मेरी तलाश में है ( Meri talash Mein Hai ) भटक रहा जो बराबर मेरी तलाश में है। सुना है मेरा वो दिलवर मेरी तलाश में है। किसी का प्यार मुकर्रर मेरी तलाश में है। ख़ुशी है मुझको, मुक़द्दर मेरी तलाश में है। ज़रा सा क़तरा हूँ लेकिन नसीब है मेरा, जो ख़ुद ही एक…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *