आरम्भ चेरिटेबल फाउंडेशन भोपाल ने मनाया विश्व कविता दिवस: प्रतिभाशाली कवयित्रियों ने सजाया काव्य गोष्ठी का मंच

विश्व कविता दिवस के अवसर पर शहर की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था “आरम्भ चेरिटेबल फाउंडेशन भोपाल” द्वारा साहित्यिक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें प्रबुद्ध कवयित्रियों ने रचना पाठ किया l
काव्य गोष्ठी का आगाज करते हुए बिन्दु त्रिपाठी ने पढ़ा –
शब्द शब्द मोती बन जाएँ, भाव समंदर से लहरायें,
आँसू भी स्याही बन जाये,
कविता बन कागज में ढल जाये l
उषा सोनी ने काव्य रस बिखेरते हुए पढ़ा —
सत्य की अनुगामिनी हूँ
है कठिन मेरी डगर,
पर इतनी भी मुश्किल नहीं l
कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि रेखा भटनागर ने पढ़ा –
वह शक्ति थी, महारानी थी,
वह रणचंडी दुर्गा जैसी थी, वह स्वतंत्रता की पवित्र भावना, वह लक्ष्मी थी l
कार्यक्रम का संचालन क़र रही निरुपमा खरे ने अपनी पंक्तियों से खूब वाहवाही बटोरी –
किसी चिर विरही की आह,
चिरमिलन का राग है कविता l
गर महसूस हो तो, सांँस -सांँस है कविता l


कार्यक्रम की अध्यक्षता क़र रही अनुपमा अनुश्री ने पढ़ा –
जन्मती रही जनम से हृदय में
पुनीत कर्म सी उतरती रही
जन- मन में बसती रही
मानव को मानव बनाने कविता ।
कविता है तुम में
तो हो तुम जिंदा
तुम्हें तुमसे मिलाती है कविता।।
कार्यक्रम में अनुपमा अनुश्री की नवीनतम काव्य कृति ” हृदय गंगे” का भी विमोचन किया गया।

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