Category: विवेचना
लड़कियों की जिंदगी
लड़कियों की जिंदगी बहुत मार्मिक,संघर्षशील,सहनशीलता से भरी होती है। इतने ही नहीं धैर्य और ममता भी अंदर कूट-कूट कर निहित कुछ एक दो अपवाद स्वरूप है। अपवाद की तो बात ही जुदा गुलाब में भी कांटे होते हैं। लड़कियों में हर दु:ख-दर्द पीड़ा को सहने की अपूर्व क्षमता रहती है। हर असहनीय पीड़ा को हंसते-हंसते…
हे परम प्रिय मन रूप अंतरात्मा!
हे परम प्रिय मन रूप अंतरात्मा! कोटि-कोटि नमन आप एक ईश्वर द्वारा विभूषित अति उत्तम,महत्वपूर्ण देन है। आप की महिमा अपरंपार है। हवा से भी तेज गति है,आपने जीवन के लिए सैनिक का काम,चारों दिशाओं में मन रूप नजर दौड़ती, सूचना लाती।जीवन के हर एक प्रश्नों का उत्तर,मानो एक प्रश्न उत्तरी हैं। आप हो अति…
भगवान महावीर केवलज्ञान कल्याणक दिवस
भगवान महावीर केवलज्ञान कल्याणक दिवस पर भगवान महावीर के चरणों में मेरा भावों से शत – शत वन्दन । केवलज्ञान कल्याणक दिवस का नाम आते ही धर्म की भावना से ओत – प्रोत व्यक्ति के भीतर में भावों की स्फुरणा पैदा होती हैं क्योंकि केवलज्ञान प्राप्त हो गया तो सभी तरह का ज्ञान हो गया…
जब जब सुरसा बदन बढ़ावा
सुरसा बाधा का प्रतीक है। जीवन में हम जब श्रेष्ठ कार्य करने चलते हैं तो अनेकानेक लोग बाधाएं उत्पन्न किया करते हैं ।अब हमें चाहिए कि हनुमान जी की तरह उन बाधाओं को खत्म करके अपने लक्ष्य की तरफ कदम आगे बढ़ाएं। जीवन में आने वाले ऐसी बाधाओं से बिना घबराए उन बाधाओं से दो-दो…
डॉक्टर भीमराव अंबेडकर: राष्ट्र निर्माता एवं दलितों के मशीहा
प्रस्तावना: भारतीय समाज के उत्थान और समानता के चिर स्मरणीय स्तम्भ के रूप में भीमराव अंबेडकर का नाम हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने न केवल अपने जीवन में समाज में बदलाव के सपने देखे, बल्कि उन्होंने उन्हें प्राप्त करने के लिए सख्त कठिनाइयों का सामना भी किया। भीम राव अम्बेडकर का जीवन परिचय: भीमराव अंबेडकर…
आपन तेज सम्हारो आपै
आपन तेज सम्हारो आपै, तीनों लोक हांक ते कापै अर्थात जो अपनी शक्ति को संभाल लेता है उसकी शक्ति के प्रताप से तीनों लोकों में लोग कांपने लगते हैं। वर्तमान समय में बढ़ते वैचारिक प्रदूषण के कारण छोटे-छोटे बच्चों में भी बुढ़ापे के लक्षण दिखने लगे हैं। आंखें धंसी हुई, चेहरों में झुर्रियां ,बालों में…
क्यो अख़बार हुए सफल? जबकि ढेर लगी हैं चैनलों की
आज बेटे का जन्मदिन हैं। सुबह-सुबह उसे अख़बार पढ़ते देख, याद आया की आज तो 3 मई हैं! यानी विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस, उसके हाथो में अखबार देख मन ही मन में सोचने लगी- “हम 21वी शताब्दी में जी रहे हैं, हमारे पास मोबाइल, टीवी जैसे कई आधुनिक यंत्र हैं। पर फिर आज के आधुनिक…
राम नवमी: भगवान राम के जन्मोत्सव का पावन पर्व?
पूरे देश में नवरात्रि का त्योहार बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। यह नौ दिनों का उत्सव है, जिसमें माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। बहुत से लोग सात दिनों तक मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करते हैं वहीं, आठवें दिन छोटी कन्याओं को भोजन कराकर अपना उपवास खोलते है। साथ…
गरीबों के मसीहा देशरत्न डॉ.भीमराव अम्बेडकर !
भारतवर्ष की पावन भूमि पर कई महान विभूतियों ने जन्म लिया है। अपने सत्कर्मों से देश को एक नई रोशनी भी दी है। इन्हीं महान विभूतियों र्मेे से देश रत्न डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर भी एक थे। बाबासाहब का जन्म १४ अप्रैल, १८९१ ई. को एक दलित अतिसाधारण परिवार में हुआ था। इनकी माता का नाम…
अनेकांतवाद | Anekantavada
कहते है जिसने जीवन में अनेकांतवाद को सही से अपना लिया उसने जीवन में सुखो की राह को खोल लिया। उत्कृष्ट चिन्तक और विचारक, दार्शनिक,लेखक, उच्च कोटि के ध्यान तपस्वी आदि अहिंसा व अनेकांतवाद के अथक पुजारी होते है तभी तो वे परम दार्शनिक महामनस्वी कहलाते है। वैचारिक मतभेदों, उलझनों, झगड़ो आदि से बचने के…