Category: विवेचना

  • वृद्धावस्था में स्वस्थ कैसे रहे | विश्व स्वास्थ्य दिवस पर विशेष

    जीवन में वृद्धावस्था अवश्यंभावी है इस सत्य से लोग डरते है। साठ वर्ष के बाद के समय को ही वृद्धावस्था मानते है। वृद्धावस्था में सुखी व स्वस्थ कैसे रहे यह हमारा अधिकार है। वैसे तो हर रोग इस उम्र में हो सकता है लेकिन शारीरिक कमजोरी की वजह से ज्यादा तकलीफ देता है वृद्धावस्था में…

  • चकई की वापसी | ललित

    होली अंक के लिए रचनाएं मंगा कर जगह नहीं देना भी एक होली है। किसी के लिए उत्साह की होली तो किसी के लिए धुआं- धुआं कर जलने की होली। चिंता नहीं बस फिक्र कीजिए ना जनाब, चिंता कीजिएगा तो सूख कर लकड़ी हो जाइएगा, कोई काम नहीं आएगा।क्योंकि यहांँ मुँह देख कर गुलाल लगाया…

  • नेचुरल कलर | Natural Colour

    हमारे मोहल्ले के श्रीमान चंपकलाल जी एक नेचर लवर है । इस बार होली के त्यौहार से पहले उन्होंने सभी बच्चों को समझाया कि,”बच्चों बाज़ार में मिलने वाले गुलाल व कलर केमिकल युक्त होते हैं, जिससे हमारी त्वचा एवं शरीर को नुक़सान होता है इसलिए हम सभी को प्राकृतिक रंगों से ही होली खेलनी चाहिए…

  • राजस्थान स्थापना दिवस | Rajasthan Sthapana Divas

    राजस्थान राज्य विविधताओं में एकता का प्रतीक है। यहाँ विभिन्न धर्म के लोग अनुयायी भिन्न – भिन्न भाषा बोलते हुए भी सद्भावना प्रेम से अपना जीवन यापन करते हैं। 30 मार्च को राजस्थान का स्थापना दिवस भी कहा जाता है। इसलिये हर वर्ष यह आज के दिन राजस्थान स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता…

  • अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस | International Women’s Day

    अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर समस्त नारी शक्ति को नमन करते हुए मेरे भाव – आसमाँ को मुट्ठी में क़ैद करने की ख़्वाहिश, अपनी पहचान तलाशने, अपनी पहचान क़ायम करने का अरमान, रिश्ते-नाते,घर-आँगन को सहेजने का ज़िम्मा। रस्मों-रिवाजों को निभाने की हर कोशिश ,हर ज़िम्मेदारी आज एक माँ, संगिनी, बेटी, बहु,पत्नी,जननी आदि बन कर नारी बख़ूबी…

  • राष्ट्रीय विज्ञान दिवस | National Science Day

    विज्ञान का हमको अनुपम उपहार मिला है जिसके गहन अध्ययन और ठोस चिंतन ने प्रगति के अभिनव द्वार खोले है । हम सभी यह जानते हैं कि work place पर मेहनत और हुनर सबसे ज्यादा काम आता है लेकिन बिना आत्मविश्वास और प्रसन्नता के न तो काम में संतुष्टि मिलती है और न ही किया…

  • आओ राम के आदर्शो को अब आचरण में उतारें!

    करीब सात सौ साल गुलामी के बाद हमारा देश 15 अगस्त,1947 ईसवी को आजाद हुआ तब से अयोध्या का बहुप्रतिक्षित राममंदिर प्रधान मंत्री के शुभ हाथों रामलला का प्राण प्रतिष्ठा संपन्न होने के बाद अपनी समरसता की ओर अग्रसर हो चुका है यह देश-दुनिया के लिए एक ऐतिहासिक क्षण था। जैसा कि सभी को मालूम…

  • मैत्रेयी पुष्पा के उपन्यासों में स्त्री-जीवन के चित्र

    मैत्रेयी पुष्पा के उपन्यासों में स्त्री-जीवन के चित्र   स्त्री सदैव ही अपनी अस्मिता को लेकर आवाज उठाती रही है। यह बात और है कि इस शोर-गुल भरे समाज में उसकी आवाज बहुत मन्द सुनाई देती है। जिसे अधिकतर समाज अनदेखा करता आया है और जिसने भी उसकी आवाज सुनी भी वह बहुत आगे नहीं…

  • नाजुक रिश्ते | Najuk Rishte

    क्या कभी आप ने देखा है, या महसूस किया है, कभी समझने की कोशिश की है, कि जब एक बहुत ही नाजुक व नन्हे पौधे को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जाता है, वो भी जड़ से उखाड़ कर, उसे दूसरी माटी में बोया जाता है, एक वातावरण से वह नन्हा सा…

  • लुगदी साहित्य के जन्मदाता | आबिद रिज़वी

    आबिद रिज़वी जीवनी   सच्चा और अच्छा लेखन वही होता है जो आजीवन शिष्य की भांति जिज्ञासु बना रहता है जहां व्यक्ति के लगने लगे कि वह सब कुछ जानता है उसकी उन्नति वहीं से खत्म हो जाती है। कहते हैं साहित्यकार संत होता है जो कि अपनी लेखनी के माध्यम से समाज को रोशनी…