Category: शेरो-शायरी

  • मैं भी चाहूंगा | Poem Main bhi Chaahunga

    मैं भी चाहूंगा ( Main bhi chaahunga )   कि इन सब बातों की नहीं है उम्र अब मेरी, मुझे कुछ लोग कहते हैं, मगर हसीं चेहरों पे मिटने को तैयार होना, मैं भी चाहूंगा… लानत है किसी दौलतमंद, रसूखदार का दरबान होने पेे, किसी मज़लूम, किसी बेबस का पहरेदार होना, मैं भी चाहूंगा.. कभी…

  • पानी से पानी की दास्तां | Pani ki dastaan

    पानी से पानी की दास्तां ( Pani se pani ki dastaan )    यह कहानी अजब है वो खता पूछिए। बहते पानी से पानी की दास्तां पूछिए। हमने मोती लुटाए फूलों सद्भावों के। उजड़ा उपवन क्यों महकता पूछिए। गीत लिखे थे हमने मोहब्बत है क्या। टूटे अरमां दिल के अब पता पूछिए। सुलझा लेते मसले…

  • खानाबदोश | Ghazal Khanabadosh

    खानाबदोश ( Khanabadosh )   रहने लगे है आप भी खानाबदोश से लगता है आँख लड़ गयी खानाबदोश से   फानी बदन की चाह में जीवन न तू गवाँ सुनते है बात संत सी खानाबदोश से   जो हमसफ़र के साथ कटे वो है जिंदगी इतनी सी बात सीख ली खानाबदोश से   इक नौकरी…

  • बगावत ना करो | Poem Bagawat na Karo

    बगावत ना करो  ( Bagawat na karo )    जब दे रही हो दिल तो किफायत ना करो, है प्यार की तमन्ना तो तिजारत ना करो। तन्हाइयों से आखिर खेलोगी कब तलक, इस मदभरी तू रात में बगावत ना करो। तुम पाओगी यहाँ पे खुशबुओं का डेरा, है दो दिलों का मेल ये सियासत ना…

  • बहाने ढूँढता है रंग लेकर यार होली में | Holi Shayari in Hindi

    बहाने ढूँढता है रंग लेकर यार होली में ( Bahane dhoondta hai rang leke yaar holi mein )    बहाने ढूँढता है रंग लेकर यार होली में लुटाये प्यार यूँ मुझ पर मेरा दिलदार होली में सभी को छोड़ कर डाले है मुझ पर रंग वो धानी करे है प्यार का इस ढंग से इजहार…

  • लगी आग को वो बढ़ाने लगे हैं | Hindi Mein bf Wali Shayari

    लगी आग को वो बढ़ाने लगे हैं! ( Lagi aag ko wo badhane lage hain )  दरीचे से मुझको बुलाने लगे हैं, लगी आग को वो बढ़ाने लगे हैं! जवानी की रुत है कैसी ये दिलकश, अंगड़ाइयों पे न कोई मेरा वश। मचा है ये शोर अंदर किसको पता है, खुशबू की चादर बिछाने लगे…

  • उनके आने का इन्तिज़ार रहा | Intezar Shayari

    उनके आने का इन्तिज़ार रहा ( Unke aane ka intezar raha )    उनके आने का इन्तिज़ार रहा, हर समय मोसम-ए-बहार रहा। दीदाये-दिल में वो रहे मेरे, उम्र भर जिनको हमसे प्यार रहा। मेरी नज़रों से दूर थे लेकिन, मैं तो उनका ही तलब-गार रहा। क्यूँ ,करे कोई दुश्मनी मुझसे, आप से सबसे हमको प्यार…

  • न आना तुम कभी अब इस गली में | Reema Pandey Ghazal

    न आना तुम कभी अब इस गली में ( Na aana tum kabhi ab is gali mein )    न आना तुम कभी अब इस गली में रखा है क्या बताओ दोस्ती में न आया चैन पल भर भी मुझे तो मिले गम ही हजारों जिंदगी में खुदा मेरे बचा भी लो कहाँ हो रही…

  • साथ हरदम निभाती रही ज़िन्दगी | Shayari on Zindagi

    साथ हरदम निभाती रही ज़िन्दगी ( Saath har dam nibhati rahi zindagi )    साथ हरदम निभाती रही ज़िन्दगी आस दिल में जगाती रही ज़िन्दगी जब हुआ दिल परेशान मेरा कभी प्यार मुझपे लुटाती रही ज़िन्दगी बन के मेरा सहारा खड़ी है सदा आँधियों से बचाती रही ज़िन्दगी लड़खड़ायें कदम जब भी मेरे कहीं राह…

  • तुम्हारे पांव की बेड़ी तुम्हें ही काटनी होगी | Ghazal on Life in Hindi

    तुम्हारे पांव की बेड़ी तुम्हें ही काटनी होगी ( Tumhare paon ki bedi tumhen hi katni hogi )   बुजुर्गों के चरण-वंदन में जब तक सर नहीं आते। नये इतिहास रचने के सुखद अवसर नहीं आते मधुर व्यवहार ही कश्ती किनारे तक लगाती है समंदर से तो पत्थर तैरकर बाहर नहीं आते । मजारों पर…