Category: शेरो-शायरी
ख़फ़ा सी नज़र | Khafa si Nazar
ख़फ़ा सी नज़र ( Khafa si nazar ) ख़फ़ा ख़फा सी नज़र सनम की बिला वज़ह के अड़ी हुई है टिकी रहे हर घड़ी हमीं पर नजर नहीं हथकड़ी हुई है। नहीं लिखा वो लक़ीर में जब भला मुकद्दर बने कहां से मगर वही दिल कि चाह है बस निगाह उस पर गड़ी हुई…
बदलनी चाहिए | Badalni Chahiye
बदलनी चाहिए ( Badalni chahiye ) आज उनकी ये नज़र हम पर फिसलनी चाहिए ख़्वाब सी चाहत हमारी दिल में पलनी चाहिए । कौन सा ये मर्ज़ आख़िर इश्क का हमको लगा सुन लो चारागर मुसीबत अब ये टलनी चाहिए। बाद अरसे के मिले वो आज़ हम से प्यार से बर्फ़ सी मेरी उदासी…
रौशनी | Roshani
रौशनी ( Roshani ) आप आए अंजुमन में साथ आई रौशनी देखिए कितने रुखों पे मुस्कराई रौशनी। बज़्म में तक़रीर बस थी झूठ पर ही चल रही एक सच मैने कहा तो खिलखिलाई रौशनी। बाद मुद्दत देखके सरकार हमको हंस दिये यूं लगा हरसू फ़िज़ा में आज छाई रौशनी। देख कर इंसाफ़ मिलते आज…
विश्वास होता है | Vishwas Hota hai
विश्वास होता है ( Vishwas hota hai ) छिपाता दर्द दिल का वो बहुत हस्सास होता है मुहब्बत से भरा दिल इस जहां में ख़ास होता है। मुहब्बत के अलावा और भी ग़म हैं सुना हमने मगर ग़म जो मिला है इश्क में अल्मास होता है। लिखी कितनी ग़ज़ल कितनी फ़साने और नज़्में भी…
अर्थ का भी | Arth ka Bhi
अर्थ का भी ( Arth ka Bhi ) अर्थ को भी शब्द से कुछ अलग हटना चाहिये । मंजिलों से भी कभी थोड़ा भटकना चाहिये ।। अर्थ का दिल में ठिकाना शब्द यायावर हुये। अर्थ का भी घर अलग शब्दों से बनना चाहिये।। साथ रहते है कभी, तो वे कभी लड़ने लगें । शब्द…
अच्छी सूरत वाले | Achi Surat Wale
अच्छी सूरत वाले ( Achi surat wale ) तोड़ा करते दिल सबका ये अच्छी सूरत वाले काम नहीं करते अच्छा ये अच्छी सूरत वाले। हर इक दिल पर चलती है बस एक हुकूमत इनकी सबको करते दीवाना ये अच्छी सूरत वाले। जाने किसकी आह लगी किसने इनको कोसा है प्यार नहीं पाते सच्चा ये…
उफ़ | Uff
उफ़! ( Uff ) किसी पुराने टूटे ख्वाब की कोई किरचन उफ़! कितनी कभी चुभती है रड़कती है चैन से आँख बंद कर सोने भी नहीं देती . . . न अश्क बन बहती है लेखिका :- Suneet Sood Grover अमृतसर ( पंजाब ) यह भी पढ़ें :- कोहरा | Hindi Poem kohara
मोहब्बत की ग़जल | Mohabbat ki Ghazal
मोहब्बत की ग़जल ( Mohabbat ki ghazal ) मोहब्बत की ग़जल तुमको, सुनानी थी, सुना दूं क्या। कहानी दिल की अपने भी, बतानी थी बता दूं क्या।। चलो तुम भी कदम कुछ तो, चलूंगा मैं कदम सारे ये अपने बीच की दूरी, मिटानी थी, मिटा दूं क्या कवि : भोले प्रसाद नेमा “चंचल” हर्रई, …
आज सावन में | Sawan Shayari
आज सावन में ( Aaj sawan mein ) परिंदों की बड़ी हलचल मची है आज आंगन में। सुना है घोंसला बिखरा किसी का आज सावन में।। बनाकर कश्तियां काग़ज कि ख़ुश होता है बारिश में ये मन होता बडा़ नादान सा सबका लड़कपन में। कभी रिश्ता बड़ा गहरा हुआ करता था अपना भी। भुला…
बिछड़ा नहीं रहता | Shayari on Bichadna
बिछड़ा नहीं रहता ( Bichadna nahi rahta ) अगर हम रोक लेते हमसे वो बिछड़ा नहीं रहता उसी मंजर पे ये दिल अब तलक ठहरा नहीं रहता। कहा था लौटना है एक दिन मुझ तक उसे वापस मगर जो लौटना होता तो यूं बदला नहीं रहता । वही रुख़ फेर लेना दफ अतन वो…