Category: हाइकु
माहिया | Mahiya
माहिया ( Mahiya ) सर्दी * * * नए रंग में, जनवरी धमकी, कड़ी ठंड में!! * ठंड की धुन, बहे शीत लहर शरीर सुन्न !! * बर्फ से लदे, देवदार के पेड़ कुल्फी से लगे !! * पूस की रात, ठंडी हवाओं संग, करती बात !! * बड़ा सयाना, गले लगाए आग, जाड़ा दीवाना…
छू गई मन | Chhoo Gayi Man
छू गई मन ( हाइकु ) छू गई मन, फ़िज़ाओ में बिखरी तेरी खुशबू !! आँखें है दंग, पढ़ी मन की चिट्ठी प्रीत के संग !! नेह धूप से, हर लेता है मीत, मन का शीत !! छोड़ के मौन, उड़ेगा ये पखेरू, ढूंढेगा कौन !! शीत का शोर, कुहासा ओढ़कर सूर्य है मौन…
चाय पर : हाइकु
चाय ( Chai ) गरमाहट लाती हैं चुस्कियां गर्म चाय की ।। बातें भी होती गरमा गर्म चाय के साथ सभी ।। कुछ पुरानी कुछ नई बाते हैं, मुलाकाते हैं ।। सबको बुलाए आओ चाय बनाएं ताजा हो जाएं।। पकौड़े साथ मसाला वाली चाय आज हो जाएं।। किस्से सुनाते, विसराए पल भी , हाँ…
Haiku in Hindi || हाइकु- ऋतुराज बसंत
हाइकु- ऋतुराज बसंत ( Haiku- Rituraj Basant ) १ मनभावन ऋतुराज आ गया, मन बहके। २ नवपल्लव लहरत पादप रंग-बिरंग। ३ सरसो फल हो गये सुनहरी आम्र बौराए। ४ कोयल कूके चहका चहकत मदनोत्सव। ५ सजनी गावे फागरस के गीत सजना संग। लेखक: त्रिवेणी कुशवाहा “त्रिवेणी” खड्डा – कुशीनगर यह भी पढ़ें : होगा निश्चय…
मकर संक्रांति ( हाइकु )
मकर संक्रांति ( हाइकु ) १. संक्रांति पर्व गुड़ तिल चुड़ा का- महत्त्व बड़ा। २. उत्तरायण सूर्य की रश्मियों में- तेज बहुत। ३. दिखे आकाश पतंगबाजी कला- उड़ाएं बच्चे। ४. डुबकी लगे जलधि सरोवर- आलस्य मिटे। ५. दान ध्यान में दीन हीन की सेवा- रखें अग्रणी। ६. जीवन तणे सूरज सा चमके- आशीष यही।…
नववर्ष (हाइकु)
नववर्ष (हाइकु) ******* १. सब अच्छा हो इस नववर्ष में- करें प्रार्थना । २. थका दिया है वर्ष बीस ने हमें- आस इक्कीस । ३. शांति समृद्धि जीवन में सबके- लाए इक्कीस । ४. शत्रु विनाशे जग शीष विराजे- अपना देश । ५. नया विहान नववर्ष का लाए- सुख सम्मान । ६. कालचक्र में जिन…
पास तू रहे ( हाइकु ) || Haiku Hindi
पास तू रहे ( हाइकु ) ( Pass tu rahe ) 1 पास तू रहे हमेशा मेरे ए मां दूर न जाना 2 लौट आ तू मां घर अपनें तेरे बिन हूँ तन्हा 3 मां तेरे नहीं लगता दिल मेरा हूँ गमज़दा 4 रुला रही है तेरे यादें मां दिल लौट आ घर 5…
जिंदगी में ही ( हाइकु )
जिंदगी में ही ( हाइकु ) 1 जिंदगी में ही है कहां मेरी ख़ुशी ग़म ही ग़म 2 रही दिल में, उसके दुश्मनी भी कैसी दोस्ती थी? 3 कब निभायी, उसने दिल से तो। मुझसे दोस्ती। 4 भुला दी दोस्ती अब उसका दिल दगा ही दगा। …
तेरी ये बातें
तेरी ये बातें ( हाइकु ) 1 तेरी ये बातें है झुठे सनम ये तेरे वो वादे 2 देखी है रोज़ मैंनें तो ए सनम तेरी ही राहें 3 दिया है दग़ा प्यार में ही निकली दिल से आहें 4 गुम कहीं वो ढूंढ़ती है उसको रात दिन…
दर्द ग़म
दर्द ग़म (हाइकु ) 1 दिल मेरा बेज़ार है जिंदगी से ही ख़ुशी आजकल दरकार है 2 नींद लूटी इश्क़ ने ऐसी मेरी देखिए आंखें अब बेदार है 3 थी जहां हर रोज बस प्यार की बातें ही प्यार अब वो खार है 4 फूलों की मानिंद हर पल मुस्काता था…