तेरी ये बातें

तेरी ये बातें

तेरी ये बातें ( हाइकु )

 

1

तेरी ये बातें

है झुठे सनम ये

तेरे वो वादे

 

2

 

देखी है रोज़

मैंनें तो ए  सनम

तेरी ही राहें

 

3

 

दिया है दग़ा

प्यार में ही निकली

दिल से आहें

 

4

 

गुम कहीं वो

ढूंढ़ती है उसको

रात दिन आंखें

 

5

 

आती है अब

रुलाने को आज़म

उसकी यादें

 

 

✏

शायर: आज़म नैय्यर

(सहारनपुर )

यह भी पढ़ें : 

हर घड़ी ग़म तेरे उठाने है

Similar Posts

  • मां दुर्गा के पंचम स्वरूप स्कंदमाता

    स्कंदमाता : हाइकु जगदंबिकादुर्गमा स्कंदमाताशरणागता दुर्गा भवानीस्कंदमाता अंबिकानम: चंद्रिका नौ नवरात्रिपूजन फलाहारअंबे के द्वार नौ दुर्गा रूपपंचम् स्कंदमातासुखप्रदाता षष्टमुखम्कार्तिकेय ललनशिरस: नमन रजनी गुप्ता ‘पूनम चंद्रिका’ लखनऊ, उत्तर प्रदेश यह भी पढ़ें:-

  • निवातिया के हाइकु | Nivatiya ke Haiku

    निवातिया के हाइकु ( Nivatiya ke haiku ) विद्या : माहिया (१) मैं कलि हूँ खिलने को घूंघट तब खोलूं जब आओ मिलने को !! (२) इतना क्यों तरसाया, ये तो बतलाओ, क्यों हमको तड़पाया !! (३) हर-पल मुझको छेड़े, चलती जब पुरवा, उजड़े मन के खेड़े !! (४) किस विध मैं समझाऊं, इस मन…

  • गणेश विसर्जन | Ganesh Visarjan

    गणेश विसर्जन ( Ganesh Visarjan ) माथ चन्दन~गणेश विसर्जनकोटि वंदन●शुभभावना~अनन्त चतुर्दशीपूर्ण कामना●धर्म में वृद्धि~घर-घर में शांतिसुख समृद्धि●मंगल मूर्ति~हे! गणपति बप्पादो हमें स्फूर्ति●मन में हर्ष~हे! बप्पा जल्दी आनाअगले वर्ष● निर्मल जैन ‘नीर’ऋषभदेव/राजस्थान यह भी पढ़ें :-

  • चाय पर : हाइकु

    चाय ( Chai )    गरमाहट लाती हैं चुस्कियां गर्म चाय की ।। बातें भी होती गरमा गर्म चाय के साथ सभी ।। कुछ पुरानी कुछ नई बाते हैं, मुलाकाते हैं ।। सबको बुलाए आओ चाय बनाएं ताजा हो जाएं।। पकौड़े साथ मसाला वाली चाय आज हो जाएं।। किस्से सुनाते, विसराए पल भी , हाँ…

  • माहिया | Mahiya

    माहिया ( Mahiya ) सर्दी * * * नए रंग में, जनवरी धमकी, कड़ी ठंड में!! * ठंड की धुन, बहे शीत लहर शरीर सुन्न !! * बर्फ से लदे, देवदार के पेड़ कुल्फी से लगे !! * पूस की रात, ठंडी हवाओं संग, करती बात !! * बड़ा सयाना, गले लगाए आग, जाड़ा दीवाना…

  • दर्द ग़म

    दर्द ग़म (हाइकु )   1 दिल मेरा बेज़ार है जिंदगी से ही ख़ुशी आजकल दरकार है    2 नींद लूटी इश्क़ ने ऐसी मेरी देखिए  आंखें अब  बेदार है   3 थी जहां हर रोज बस प्यार की बातें ही प्यार अब वो खार है 4   फूलों की मानिंद हर पल मुस्काता  था…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *