शिक्षक महान
( Shikshak mahaan )
जिसने ज्ञान का अनुपम भंडार दिया
गहन अज्ञान से जिसने तार दिया
दीपक बन जो जलता रहा और
प्रकाश का हमको सदा भान दिया।
अनुशासन का कठोर पाठ दिया
मर्म गहराई से हृदय में उतार दिया
कठिन संघर्षों से खुद तपता रहा
और स्वर्ण सा हमको निखार दिया।
हमारे व्यक्तित्व निर्माण का भार लिया
दृढ विश्वास से भविष्य साकार किया
हर परिस्थिति में सही गलत की करा
पहचान जीवन को नव आकार दिया।
शिक्षा का दायित्व जब सिर बांध लिया
आंधी,तूफानों में नौका को पार किया
शिक्षक वो कहलाया महान जग में
समाज राष्ट्र का जिसने विकास किया।

शैली भागवत ‘आस’
शिक्षाविद, कवयित्री एवं लेखिका
( इंदौर )
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