“बसंत” उत्साह, आशा और उमंग की ऋतू
“बसंत” उत्साह, आशा और उमंग की ऋतू

बसंत की ऋतु को ऋतुराज की संज्ञा दी जाती है । बसंत जहां एक ओर आशा उत्साह से परिपूर्ण होकर जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है । तो दूसरी तरफ बसंत का मौसम शिक्षा और बुद्धि के संतुलन के साथ आशावादी और आध्यात्मिक वातावरण भी बनाता है ।

बसंत का मौसम आते ही प्रकृति का रूप निखार आता है । पतझड़ की विदाई शुरू हो जाती है और धरती श्यामलता होने लगती है और फिर कुछ ही दिनों में माहौल एकदम से बदल जाता है और धरती हरे भरे पेड़-पौधों और उन पर छाई नन्ही नन्ही कपोलों और फूलों से महक उठती है ।

बसंत के मौसम में सरसों के फूल बसंती चादर ओढ़ कर नैसर्गिक श्रृंगार से सजी-धजी नजर आती है । नई बयार के रूप में नवगति, नवलय, और तालछन्द नव से समन्वित हो जाती है । बसंत के मौसम में इंसान ही नहीं बल्कि कुदरत का कोना-कोना भी पुलकित हो उठता है ।

बसंत का मौसम बेहद मनमोहक होता है । काव्य ग्रंथों, शास्त्रों, पुराणों में बसंत का सुंदर सजीव वर्णन देखने को मिलता है । साहित्य प्रेमी और कवि  द्वारा अलौकिक और आध्यात्मिक चित्र से ऋतुराज बसंत के लिए मन से गीत गाए जाते हैं ।

भविष्य पुराण के अनुसार बसंत माघ के शुक्ल त्रयोदशी में उल्लास के देवता काम और सौंदर्य की देवी रति की मूर्ति बनाकर सामूहिक रूप से पूजन किया जाता है । इस पुराण में बसंत का सुंदर रूप से वर्णन किया गया है । संस्कृत के ग्रंथों में भी बसंत पर्व के समय उत्साह और सुवसंतक नाम से दो खास उत्सव के बारे में वर्णन मिलता है ।

विशेषज्ञों के अनुसार बसंत का मौसम प्रकृति और मानव के संवेदनशील संबंधों का साकार रूप है । साहित्य की हर विधा में बसंत के मौसम का वर्णन मिलता है । अश्वघोष, कालिदास जैसे प्रख्यात संस्कृत कलानिधि वसंत के बारे में लिखा है ।

बसंत को कवियों ने सहर्ष से स्वीकार किया और अपने मन की अभिव्यक्ति दी है । बसंत के मौसम को पुष्प समय, पुष्प मास, ऋतुराज, पिक नंद, काम, बसंत कई नाम से भी कवियों ने इसे चित्रित किया है । बसंत की संपूर्णता का गीत गा कर कवियों ने सभी ऋतु में बसंत को सर्वश्रेष्ठ ऋतु माना है ।

बसंत के मौसम में तरह-तरह के सुंदर फूल खिलते हैं और नजारा बेहद सुंदर हो जाता है । प्रकृति का यह सुंदर रूप बेहद आकर्षक और मनभावन लगता है । बसंत का मौसम सुकून देने वाला होता है साथ ही निराशा से उबार कर आशा की ओर प्रेरित करता है ।

बसंत के मौसम में लगभग सभी प्रकार के पेड़ पौधों में नई-नई खपोले निकलती हैं और फिर उसमें फूल आ जाते हैं । बसंत के मौसम को ऋतुराज कहा जाता है क्योंकि यह हर रितू से अलग बेहद अनोखा आकर्षक और मनोरम होता है । बसंत के मौसम में लगभग हर पेड़ पौधों में चाहे वह छोटा हो या बड़ा सभी में फूल देखने को मिल जाते हैं ।

जो लोग प्राकृतिक के प्रेमी होते हैं उनके लिए सबसे अच्छा मौसम बसंत का होता है । तो इस बसंत के मौसम को का आनंद लीजिये और अपनी जिंदगी में उम्मीद व उत्साह के साथ आगे बढ़े और अपने लक्ष्य को पाने की कोशिश करे …

 

लेखिका : अर्चना 

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