अब हम

  • अब हम | Ghazal Ab Hum

    अब हम ( Ab Hum ) पहले अपनी इ़नान देखेंगे। फिर जहाँ का गुमान देखेंगे। सीख लें ढंग जंग के फिर हम। सबके तीर-ओ-कमान देखेंगे। पर हमारे तराशने वालो। हम तुम्हारी उड़ान देखेंगे। यह करिशमा दिखाएंगे अब हम। सर झुका कर जहान देखेंगे। हम तो कुछ कर नहीं सके लेकिन। अब तुम्हारा ज़मान देखेंगे। रंग…