कान मेरे उसकी चूडियां खनक गयी
कान मेरे उसकी चूडियां खनक गयी कान मेरे उसकी चूडियां खनक गयी प्यार में उसके दिल की धड़कन बहक गयी आख़री थी निशानी उसकी पास में हाथ से वो भी तो अंगुठी छनक गयी आ रही है सदा जिंदगी में ग़म की सूली पे ही ख़ुशी अपनी सब लटक गयी …
कान मेरे उसकी चूडियां खनक गयी कान मेरे उसकी चूडियां खनक गयी प्यार में उसके दिल की धड़कन बहक गयी आख़री थी निशानी उसकी पास में हाथ से वो भी तो अंगुठी छनक गयी आ रही है सदा जिंदगी में ग़म की सूली पे ही ख़ुशी अपनी सब लटक गयी …