जागो जनता जागो | Kavita Jaago Janta Jaago
जागो जनता जागो! ( Jaago janta jaago) घंटों इंतजार क्यों करते हैं? सर्दी गर्मी बारिश सहते हैं पलकें बिछाए रहते हैं आप जनता मालिक हैं। लूटने वाले का जयकारा लुटने वाले ही लगाते हैं यह ठीक नहीं। दुर्भाग्य वतन का औ सौभाग्य राजवंशों का? लोकतंत्र हो आया, पर हकीकत बदल न पाया। अशिक्षा गरीबी…

