बाल मजदूरी | Bal majdoori par kavita
बाल मजदूरी ( Bal majdoori ) खुद असमर्थ बनकर बच्चों से कराते मजदूरी। अगर कोई उठाये सवाल कहते यह हमारी मजबूरी। बच्चे न माने तो दिखाए चाकू छुरी। उनके उज्जवल भविष्य से खिलवाड़ कर कराते उनसे बाल मजदूरी। जिन हाथों में कलम होनी चाहिए हे ! प्रभु कैसी है लाचारी? क्यो…

