महेन्द्र सिंह प्रखर की कविताएं | Mahendra Singh Prakhar Poetry
तेरे दर्शन को है प्यासा देख रहा हूँ राह तुम्हारी , आओ भोले नाथ ।तेरे दर्शन को है प्यासा , बालक यहाँ अनाथ ।। काशी जाऊँ मथुरा जाऊँ , जाऊँ तीरथ धाम ।वन वन खोजूँ तुम्हें पुकारूँ , लेकर तेरा नाम ।।द्वार सभी मैं गया तुम्हारे , देखो दीना नाथ ।तेरे दर्शन को है प्यासा…

