राम काज करिबै को आतुर
जिस प्रकार से हनुमान जी महाराज को राम काज अर्थात अपने मालिक द्वारा निर्देशित कार्यों की आतुरता थी , वह धीरे-धीरे खत्म सी होने लगी है। वर्तमान समय में अक्सर देखा जा रहा है कि लोग अपने मालिकों से धोखेबाजी करने लगे हैं । उनमें वह कार्य करने के प्रति उत्साह नहीं दिखलाई देता है…

