प्यार की वो हवा नहीं आती

प्यार की वो  हवा नहीं आती

 

प्यार की वो  हवा नहीं आती!

कोई ऐसी वफ़ा नहीं आती

 

भूल जाना अच्छा है उसको अब

लौटकर कोई सदा नहीं आती

 

दोस्ती में आती वफ़ा करनी

मुझको करनी जफ़ा नहीं आती

 

राह जिसकी मैं देखता हूँ वो

जीस्त में आशना नहीं आती

 

नफ़रतों की आती है आवाजें

प्यार की वो  सदा नहीं आती

 

राह देखे है जिसकी ये आज़म

वो इधर को वफ़ा नहीं आती

 

 

✏शायर: आज़म नैय्यर

(सहारनपुर )

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