श्रमिक दिवस समर्पित गीत

  • श्रमिक दिवस समर्पित गीत

    श्रमिक दिवस समर्पित गीत   तुम वर्तमान के पृष्ठों पर ,पढ़ लो जीवन का समाचार । क्या पता कौन से द्वारे से ,आ जाये घर में अंधकार।। आशा की किरणें लौट गयीं ,बैठी हैं रूठी इच्छायें प्रात: से आकर पसर गईं ,आँगन में कितनी संध्यायें इन हानि लाभ की ऋतुओं में, तुम रहो सदा ही…