Tag: हिन्दी शायरी

  • मेरी मुहब्बत किसी और से मुहब्बत करती है

    मेरी मुहब्बत किसी और से मुहब्बत करती है     मेरी मुहब्बत किसी और से मुहब्बत करती है यह बात ज़रा सा दर्द तो सीने में जगाती है   हजार लहो को बुझाकर रोशन हुआ में अब तो हर चराग मुझे जलाती है   वह में नहीं तो क्या हुआ? उसे मुहब्बत तो है यही…

  • प्यार की जब उससे दोस्ती टूटी है

    प्यार की जब उससे दोस्ती टूटी है     प्यार की जब उससे दोस्ती टूटी है! रोज़ तन्हाई से जिंदगी टूटी है   हर घड़ी नफ़रतों की रवानी थी बस वो न दिल से उसके दुश्मनी टूटी है   डूबी है जिंदगी ही नशे के ग़म में प्यार की ही दिल से मयकशी टूटी है…

  • सोचो नया कुछ करने की

    सोचो नया कुछ करने की ******* वर्ष नया है तुम भी सोचो नया नया कुछ करने की। करो सामना चुनौतियों की, समय यही है लड़ने की; मुसीबतों से नहीं डरने की। कलम उठाओ, रफ़्तार बढ़ाओ; झटके में एक सीढ़ियां चढ़ जाओ। पहुंच मंजिल पर थोड़ा सुस्ता लेना रास्ते में थक बैठने की- न किसी से…

  • यही जग की हकीक़त है यही जग का फ़साना है

    यही जग की हकीक़त है यही जग का फ़साना है     यही जग की हकीक़त है यही जग का फ़साना है। जिसे हम प्यार करते हैं उसे दिल तोङ जाना है।।   करे बदनाम पीछे से भला जो सामने कहते। बहुत पाखंड दुनिया में बङा ज़ालिम ज़माना है।।   करो एतबार कितना भी किसी…

  • kia ho gai halat -क्या हो गई हालात

    क्या हो गई हालात   देख ले मालिक अन्नदाता की क्या हो गई हालात कितना तड़प रहा है किसान पी एम बदला सी एम बदला फिर भी ना बदले किसान के हालात कितना तड़प रहा है किसान आया पी एम बड़ा ही अंधा नहीं दिख रहा है सड़कों पर पड़ा अन्नदाता कहीं पे भूखा कहीं…

  • मोबाइल- hindi kavita

    मोबाइल   –>मोबाइल से क्या सही,क्या गलत हो रहा है || 1.नहीं था बड़ा सुकून था, दोस्त परिवार के लिये समय था | दिल मे चैन दिमाक शांत, सुखी संसार के लिये समय था | न जाने क्या भूचाल सा आया, समय लापता सा हो गया | आज हर इंसान व्यस्त है, बस मोबाइल सब…

  • सांसों में तेरी ख़ुशबू है -Hindi poem

    सांसों में तेरी ख़ुशबू है     सांसों में तेरी ख़ुशबू है ! रोज़ नज़र आती अब तू है   चाँद सी सूरत वाला है तू तेरा ही  चर्चा हर सू है   भाती तेरी आंखे ये लब तेरे काले काले गेसू है   दीवाना हूँ इसीलिए मैं उसकी आंखों का जादू है   सूरत…

  • जरूरत-मन्द -hindi poetry || jaroorat mand

    जरूरत-मन्द   –>नकली के सम्मुख, असली फीका पड़ जाता है ||   1.नकली जेवर की चमक मे, असली सोना फीका पड गया | नकली नगीनों की चमक मे, असली हीरा फीका पड गया | दिखावटी लोगो की चमक मे, असली इंसान फीका पड गया | मतलबी दोस्तों की धमक मे, सच्चा दोस्त फीका पड गया…

  • अफसाने तेरे नाम के -hindi poems

    अफसाने तेरे नाम के   मेरी वफा का सिला यही वो मुझपे मरता है  मिलता है जब भी जख्म हरा जरूर करताहै जाने कहां से सीखा जीने का यह सलीका कत्ल मेरा काँटे से नहीं वो फूल से करता है। वक्त को रखता हमेशा अपनी निगेहबानी में वो जिनदगी को बडे गुरुर से जीता है…

  • प्यार की वो आज राहें छूटी है

    प्यार की वो आज राहें छूटी है     प्यार की वो आज राहें छूटी है! जिंदगी भर उसके  बातें छूटी है    दीवाना करती थी अपनें हुस्न से आज वो हुस्ने ही  रातें छूटी है   ऐसा टूटा उम्रभर उसने रिश्ता आज उसनें वो मुलाकातें छूटी है   प्यार की ख़ुशबू देती थी सांसों…