क्या हो गई हालात

kia ho gai halat -क्या हो गई हालात

क्या हो गई हालात

 

देख ले मालिक अन्नदाता की

क्या हो गई हालात

कितना तड़प रहा है किसान

पी एम बदला सी एम बदला

फिर भी ना बदले

किसान के हालात

कितना तड़प रहा है किसान

आया पी एम बड़ा ही अंधा

नहीं दिख रहा है

सड़कों पर पड़ा अन्नदाता

कहीं पे भूखा कहीं पे प्यासा

भटक रहा है  बेघर होकर

कोरोना की आड़ लेकर

बेच रहा है देख को सारा

कितना तड़प रहा है किसान…..

देख ले मालिक अन्नदाता की

क्या हो गई हालात

कितना तड़प रहा है किसान

कितना तड़प रहा है किसान….!

 

?

कवि : सन्दीप चौबारा

( फतेहाबाद)

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