मोबाइल

मोबाइल- hindi kavita

मोबाइल

 

–>मोबाइल से क्या सही,क्या गलत हो रहा है ||

1.नहीं था बड़ा सुकून था, दोस्त परिवार के लिये समय था |
दिल मे चैन दिमाक शांत, सुखी संसार के लिये समय था |
न जाने क्या भूचाल सा आया, समय लापता सा हो गया |
आज हर इंसान व्यस्त है, बस मोबाइल सब कुछ हो गया |

–>मोबाइल से क्या सही, क्या गलत हो रहा है ||

2.काम काज मे ध्यान नहीं, सब आशिक बनते फिरते हैं |
आँख कान की फिकर नहीं, मोबाइल लगाए फिरते हैं |
दिन बीते कब रात खतम, कुछ होश नहीं क्या करते हैं |
राह चलें या ट्राफिक मे हो, इयर फोन लगाए फिरते हैं |

–>मोबाइल से क्या सही, क्या गलत हो रहा है ||

3.चहुं ओर अभद्रता फैल रही, लाज शर्म सब भूल गए |
बच्चे बूढे और पढें लिखे, जिम्मेदारी अपनी भूल गए |
बच्चे क्या अपलोड करें, क्या लोड कर रहे पता नहीं |
मोबाइल की भाषा बोल रहे, सही गलत कुछ पता नहीं |

–>मोबाइल से क्या सही, क्या गलत हो रहा है ||

4.बुरा नहीं तो अच्छा भी नहीं, अच्छा नहीं तो बुरा भी नहीं |
बस विकारों को सु:विचारों मे, बदलो तो कुछ भी बुरा नहीं |
जरूरत जितनी उपयोग करो, फिर अपने काम पर ध्यान दो |
चलना जिससे सब कुछ अपना, उन अपनों को सम्मान दो |

–>मोबाइल से क्या सही, क्या गलत हो रहा है ||

❄️

लेखक:  सुदीश भारतवासी

Email: sudeesh.soni@gmail.com

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जरूरत-मन्द -hindi poetry || jaroorat mand

 

 

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