Aaj aur Kal

  • अतीत आज और कल | Aaj aur Kal

    अतीत आज और कल ( Ateet aaj aur kal )    अतीत आज और कल, बंदे संभल संभल कर चल। परिवर्तन कुदरत का नियम, जन मन रहती हलचल। कितना सुंदर अतीत हमारा, संस्कारों की बहे धारा। शौर्य स्वाभिमान पराक्रम, गौरवशाली है देश हमारा। बदल गया परिवेश आज, बदल गई है जीवनधारा। धीर धर्म दया सब…