अब सर्वत्र राम लला | Ab Sarvatra Ram Lala
अब सर्वत्र राम लला ( Ab sarvatra ram lala ) प्रतीक्षा सूर्य ढल चला,अब सर्वत्र राम लला इक्कीस जनवरी संग विलोपित, कष्ट दुःख विरह घड़ियां । बाईस जनवरी अंतर्निहित, राम दर्शन सकल कड़ियां। पांच सौ वर्ष दीर्घ तपस्या, हिंदुत्व पुष्प फिर भव्य खिला। प्रतीक्षा सूर्य ढल चला,अब सर्वत्र राम लला ।। घोर संघर्ष वेदना…

