Anekantavada

  • अनेकांतवाद | Anekantavada

    कहते है जिसने जीवन में अनेकांतवाद को सही से अपना लिया उसने जीवन में सुखो की राह को खोल लिया। उत्कृष्ट चिन्तक और विचारक, दार्शनिक,लेखक, उच्च कोटि के ध्यान तपस्वी आदि अहिंसा व अनेकांतवाद के अथक पुजारी होते है तभी तो वे परम दार्शनिक महामनस्वी कहलाते है। वैचारिक मतभेदों, उलझनों, झगड़ो आदि से बचने के…