अश्क नहीं खून | Ashk nahi Khoon
अश्क नहीं खून ( Ashk nahi khoon ) आँखों से खून तभी बहा करते हैं जब इनसे अश्क बहना बंद कर देते हैं जख्म देने वाले कोई दुश्मन होता नहीं बल्कि वो कोई अपना ही रहा करते हैं ये सिर्फ अपने खुशी के लिए घर नहीं बल्कि पुरा संसार ही जला दिया करते हैं…

