Awadh par Kavita

  • अवध | Awadh par Kavita

    अवध ( Awadh )   रत्नजडित सिंहासन पर,अभिषेक राम का होगा। भारत की पहचान विश्व में, मन्दिर राम से होगा। भगवा ध्वँज पिताम्बर तुलसी, राम नाम गुँजेगा। शंख चक्र कोदण्ड धनुष संग,अवध नगर सँवरेगा। सरयू तट पर दीप करोडो, जगमग जग दमकेगा। भाव भक्ति से भरे भक्तों का,नयन मगर छलकेगा। रामचरित्र मानस गुँजेगा सरयू जी…