बातों की समझ | Baaton ki Samajh
बातों की समझ ( Baaton ki Samajh ) जरूरी नहीं की किसी की कही हर बात को आप समझ ही लें या आपकी बात को कोई दूसरा समझ ले फिर भी, कही जानेवाली बात को यदि समय पर न कहा जाय तो वही बात आनेवाले दिनों मे या तो आपको रुलायेगी या सामनेवालेे को…

