बेपरवाही | Beparwahi
बेपरवाही ( Beparwahi ) खंडहर बोलते तो नहीं कुछ फिर भी बयां कर देते हैं बहुत कुछ रही होगी कभी हवेली शानदार अपनों की किरदार में ही बचा ना कुछ समय मुंह से तो कुछ नहीं कहता कभी पर आगाह जरूर करते रहता है संभल जाते हैं जो वक्त के हालात पर नामो निशान…

