भुखमरी की पीर | Bhukhmari par Kavita
भुखमरी की पीर ( Bhukhmari ki peer ) भूखे नंगे लाचारों की नित पीर सुनाया करता हूं। मैं सत्ता के गलियारों में अलख जगाया करता हूं। जठराग्नि आग बन जाए भूखमरी हो सड़कों पे। मैं कलम की नोक से आवाज उठाया करता हूं। बेबस मासूम पीड़ा की तकदीर सुनाया करता हूं। कचरों में भोजन…

