ख़ुशी खूब लाए चराग़ है | Chirag shayari
ख़ुशी खूब लाए चराग़ है ( Khushi khoob lae charaag hai ) ख़ुशी खूब लाए चराग़ है मिटाने ग़म आये चराग़ है उदासी करें दूर दीवाली गली में सजाए चराग़ है यहाँ ख़त्म करके अदावत को बहुत घर बुलाए चराग़ है न होगा लबों पर उदास पन ख़ुशी जगमगाए चराग़…

