दीप जले या दिल | Deep Jale ya Dil
दीप जले या दिल ( Deep jale ya dil ) जल रहे है दिल ये कैसी दिवाली है कही गरीबी है , कही बदहाली हैं फट रहें हैं बम लोगों की आंख हैं नम इंसानित मरने लगी हैं सभी के मुंह पर गाली हैं जो कहते थे काफिर मारा जाएगा उसका मुल्क चेन अमन…

