धूमिल होता आकाश | Dhumil Hota Aakash
धूमिल होता आकाश ( Dhumil hota aakash ) रेत के टीले पर बनाया था घर हमने दूर की आंधी ने नींव ही खोखली कर डाली उड़ते रहे छप्पर बांस खड़खड़ाते रहे गरीबी की दीवार चादर न बन सकी हवा के बहाव मे चल दिए वे भी जिनके लिए कभी हम बहुत कुछ थे…सब कुछ…

