दो सहेली | Do Saheli
“दो सहेली” ( Do Saheli ) जेठ की दुपहरिया सबको खल रही थी, तेज धूप के साथ गर्म हवाएं चल रही थी। दो लड़कियां बातें करते हुए जा रही थी, एक दूजे को प्यार के किस्से सुना रही थी। उनमें से एक मेरी गाड़ी से थी टकराई, मेरे पास आकर बड़े जोर से चिल्लाई।…

