Geet deewaron ke kaan

  • दीवारों के कान | Geet

    दीवारों के कान ( Geet : deewaron ke kaan )   कितने घर उजाड़े होंगे, सारे भेद ले जान। सारी दुनिया ढोल पीटते, दीवारों के कान।   मन की बातें मन में रखना, सोच समझ ले इंसान। राम को वन में भिजवा दें, दीवारों के कान।   कहीं मंथरा आ ना जाए, घर में कृपा…