Tag: Ghazal
Romantic Ghazal | दिल हुआ आपका दिवाना है
दिल हुआ आपका दिवाना है ( Dil Hua Aapka Deewana Hai ) दिल हुआ आपका दिवाना है। धड़कनों में तुझे बसाना है।। तेरे दम से वजूद है मेरा। सांस लेना तो इक बहाना है।। कम नहीं झील से तेरी आंखें। डूब के ही सुकून पाना है।। भूल सकता नहीं नशा हरगिज़। जो तेरा आँख…
Eid Ghazal | ईद पर ग़ज़ल
ईद पर ग़ज़ल ( Eid Par Ghazal ) लिए पैगाम खुशियों का मुबारक ईद आती है। भुलाकर वैर आपस के हमें जीना सिखाती है।। खुदा के है सभी बंदे भले मजहब कोई भी हो। करो दीदार चंदा का दिलों का तम हटाती है।। नहीं कोई पराया है बढ़ाके हाथ तो देखो। गले…
Dard Bhari Ghazal | जिंदगी क्यों तेरी मर गई आरजू
जिंदगी क्यों तेरी मर गई आरजू ( Jindagi kyon teri mar gai aarzoo ) जिंदगी क्यों तेरी मर गई आरजू अब न दिल में कोई भी बची आरजू चाहकर भी नहीं कुछ उसे कह सका रोज़ दिल में तड़फती रही आरजू ढूंढ़ता ही रहा हूँ गली दर गली जिंदगी की मेरी…
Hindi Ghazal on love | दिल में उनसे बढ़ गई है दूरियां
दिल में उनसे बढ़ गई है दूरियां ( Dil mein unse badh gayi hai dooriyan ) दिल में उनसे बढ़ गई है दूरियां।। रास आने है लगी तन्हाइयां ।। फ़ासलाअब बढ़ गया है इस कदर।। साथ रहना बन गया मज़बूरियां।। ग़म बढ़ा हद से ज़ियादा जब मेरा। दिल को तब भाने लगी…
Hindi poem on time| व़क्त तन्हा यहां मेरा कटता नहीं
व़क्त तन्हा यहां मेरा कटता नहीं ( Waqt tanha yahan mera katata nahin ) व़क्त तन्हा यहां मेरा कटता नहीं! जिंदगी में हंसी कोई लम्हा नहीं सिलसिला फ़िर न होता मनाने का ही वो अगर मुझसे नाराज़ होता नहीं टूट गया है जुड़ने से पहले ही रिश्ता जुड़ा कोई उससे मेरा रिश्ता…
Hindi poem on love | इक रोज़ हवा बनकर, तेरी गली में आ जाऊंगा
इक रोज़ हवा बनकर, तेरी गली में आ जाऊंगा ( Ek Roz Hawa Banke Teri Gali Mein Aa Jaunga ) इक रोज़ हवा बनकर, तेरी गली में आ जाऊंगा। मैं तेरी जुल्फें तेरा आंचल, लहरा जाऊंगा।। तेरी अदा तेरी हंसी, लजबाव है। बोल इतना खुश,क्यूं तू आज है।। यूं मुस्कुरा कर, जान…
Best hindi ghazal| सहारे छोड़ के सारे लिया उसका सहारा है
सहारे छोड़ के सारे लिया उसका सहारा है (Sahare Chhod Ke Sare Liya Uska Sahara Hai) सहारे छोड़ के सारे लिया उसका सहारा है। जहां के साथ में हरग़िज नहीं अपना गुजारा है।। बिना मांगे हमें देता वही जो चाहिए हमको। बशर से मांगना हमको नहीं हरगिज़ गवारा है।। सुखों को तू …
Hindi Ghazal on love | मुहब्बत की ख़ुशबू से मन भरा है
मुहब्बत की ख़ुशबू से मन भरा है ( Muhabbat KI Khushboo Se Man Bhara Hai ) मुहब्बत की ख़ुशबू से मन भरा है! गुलाबी फ़ूल मन में खिल रहा है मुहब्बत में हुआ घायल मैं ऐसा किसी की तीर आंखों का चला है रहा वो ग़ैर बनकर रोज़ मुझसे हंसी चेहरा…
शीशा-ए-दिल पे जमी है धूल शायद | Ghazal on love
शीशा-ए-दिल पे जमी है धूल शायद ( Shisha-e-Dil Pe Jami Hai Dhool Shayad ) शीशा-ए-दिल पे जमी है धूल शायद। देखने में हो रही है भूल शायद।। आरजू होती नहीं सब दिल की पूरी। हर दुआ होती नहीं मक़बूल शायद।। एक साया-सा नज़र आया है हम को। दूर अब तो है नही…
फूलों का रंग रखिए,बरकरार हमेशा || hindi ghazal on nature
फूलों का रंग रखिए,बरकरार हमेशा ( Phoolon Ka Rang Rakhiye, Barkarar Hamesha ) फूलों का रंग रखिए, बरकरार हमेशा। इस वास्ते गुलशन से करें,प्यार हमेशा। कौन मौज में यहां, है मुफलिसी में कौन, यही जानने को पढ़िए,अखबार हमेशा। जिसके ज़िगर में हौसलों का रंग नहीं है। वो शख्स ही बदरंग है, लाचार…